-छात्राओं के आंदोलन के आगे झूका प्रशासन सराफा स्कूल वैकल्पिक व्यवस्था तक वहीं रहेगा -सांसद,विधायक,नगर निगम सभापति,कलेक्टर पहुंचे छात्राओं के बी

उज्जैन। रानी लक्ष्मीबाई शासकीय सराफा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं के आंदोलन के सामने प्रशासन झूका है और स्कूल स्थानांतरण को हालिया स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तक निरस्त कर दिया गया है। मंगलवार को सांसद अनिल फिरोजिया,विधायक अनिल जैन कालूहेडा ,कलेक्टर रौशन कुमार सिंह स्कूल पहुंचे एवं आंदोलन करने वाली छात्राओं को आश्वस्त किया कि विद्यालय के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नही हो जाती, तब तक छात्राएं वर्तमान सराफा विद्यालय में ही अध्ययन करेंगी।

महाकाल मंदिर के पीछे चारधाम मंदिर के समीप संचालित रानी लक्ष्मीबाई शासकीय सराफा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को 7 किलोमीटर दूर दाऊदखेडी में बने भवन में स्थानांतरित करने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस प्रक्रिया का छात्राओं ने विरोध करते हुए 14 अगस्त को कलेक्टोरेट पहुंचकर अपनी पीडा अधिकारियों के समक्ष व्यक्त की थी। इस दौरान कई छात्राएं पढाई छूटने के डर से रो पडी थीं। एक छात्रा ने अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाते हुए निर्णय से गरीबों को आहत करने की बात कही थी और सवाल उठाए थे। यह मामला सुर्खियों में आने के बाद  मंगलवार को जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी स्कूल पहुंचे एवं छात्राओं को आश्वस्त किया कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक छात्राएं वर्तमान भवन में ही अध्ययन करेंगी। सराफा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचकर सभी ने छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि उनकी पढ़ाई और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नही किया जाएगा।

तीन स्कूलों का मामला-

दाऊदखेडी के वर्तमान भवन में अब तक ग्रामीण क्षेत्र के 5 स्कूल मर्ज किए जा चुके हैं। शहर के माधवगंज,सराफा कन्या एवं महाराजवाडा के कक्षा 9 से 12 को वहां भेजने के मामले में यह विरोध छात्राओं ने किया है।इससे पूर्व यहां संचालित माध्यमिक स्कूलों को विरोध के चलते महाराजवाडा में मर्ज किया गया था।

मुखर छात्रा के निरूत्तर प्रश्न किए थे-

कलेक्टोरेट आंदोलन में मुखर रूप से सामने आकर अधिकारियों के सामने सवाल उठाने वाली छात्रा मोनिका सिसोदिया ने छात्राओं की ओर से अपनी बात रखते हुए कहा कि विद्यालय को दाऊदखेड़ी क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने से छात्राओं को काफी दूर जाना पड़ेगा। इससे विशेष रूप से छात्राओं के आवागमन और सुरक्षा को लेकर परेशानी उत्पन्न होगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से छात्राओं के हित में उचित निर्णय लेने का आग्रह किया।

वैकल्पिक व्यवस्था तक सराफा में पढाई-

सांसद अनिल फिरोजिया ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों की परेशानी को देखते हुए आज सभी जनप्रतिनिधि अपनी बेटियों के बीच आए हैं। उन्होंने बताया कि सराफा विद्यालय को दाऊदखेड़ी स्थानांतरित किए जाने की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दी गई थी। मुख्यमंत्री ने छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तत्काल निर्देश दिए कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सराफा विद्यालय में ही छात्राओं की पढ़ाई जारी रहेगी।

नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर संवेदनशील हैं। बेटियां अच्छे वातावरण में पढ़ें और आगे बढ़ें, इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सराफा विद्यालय में ही अध्यापन जारी रखने के निर्देश दिए हैं। विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा ने कहा कि सराफा विद्यालय स्थानांतरण के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अवगत कराया गया था। मुख्यमंत्री ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए निर्देश दिए कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सराफा विद्यालय यथावत संचालित किया जाए।

 कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव छात्राओं की समस्या को लेकर चिंतित थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही यह निर्णय लिया गया है कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक छात्राओं को सराफा विद्यालय में ही अध्ययन की सुविधा रहेगी।

छात्राओं ने आभार माना-

छात्राओं के हित में लिए गए निर्णय की जानकारी मिलने के बाद छात्राओं में खुशी और संतोष का भाव दिखाई दिया। छात्राओं ने भावुक होकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी समस्या को समझते हुए लिया गया निर्णय उनके लिए बड़ी राहत है। छात्राओं ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

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